recent from featured
Raj Kapoor : राजू तारा कहीं नहीं खोया है
श्री 420 के एक गीत की एक पंक्ति है ” एक तारा न जाने कहाँ खो गया “।
14 दिसम्बर 1924 को जन्मे राज कपूर की भौतिक शरीर रुपी...
recent from Legends
B.N. Sircar : भारतीय सिनेमा के विकास की नींव के एक निर्माता
कला का क्षेत्र इस बात में एक विशिष्टता रखता है कि विभिन्न क्षेत्रों के व्यक्त्ति कला के क्षेत्र में अपना योगदान दे...
recent from Flashback
तीन देवियाँ (1965) : जब कुछ नहीं तो ये इशारे क्यों कई ख्वाब देख डाले एक दीवाने ने
टैगोर ने कभी लिखा था -
A Lad there is
and I am that poor groom
That is fallen in love
knows not with whom
यह किशोरावस्था से युवावस्था की दहलीज पर खड़े युवाओं में से कुछ की...
recent from 1930-50
दुनिया रंग रंगीली बाबा (धरती माता 1938) – के.एल.सहगल होने का अर्थ
पिछली सदी के तीस और चालीस के दशक में समूचा भारत कुंदनलाल सहगल की आवाज़ के मोहपाश में यूँ ही नहीं बंध गया था। के.एल सहगल की...
Posted by
CINE manthan on May 15, 2012 in
Music,
Songs |
0 comments
इस गीत से किशोर कुमार हिन्दी फिल्मों में गायन की अपनी दूसरी एवं आधुनिक पारी के श्रीगणेश का शंखनाद करते हैं| हालांकि किशोर कुमार की गायिकी के...
Posted by
CINE manthan on May 2, 2012 in
Music,
Songs |
0 comments
“I do not want my house to be walled in on all sides and my windows to be stuffed. I want the cultures of all the lands to be blown about my house as freely as possible. But I refuse to be blown off my feet by any.” Mahatma Gandhi
भारत को ब्रितानिया हुकूमत से राजनीतिक आजादी मिलने के...
निर्देशक सुजॉय घोष की नयी फ़िल्म ‘कहानी‘ दर्शक की उत्सुकता को अंत तक बाँध कर रखने वाली थ्रिलर है| भले ही विद्या बालन के दृश्य से फ़िल्म शुरू न...
Posted by
CINE manthan on Oct 10, 2011 in
General,
Music |
2 comments
कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से
कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलते हैं (बशीर बद्र)
बीसवी सदी के सातवें और आठवें दशक में जन्मने वाली पीढ़ियों के...
Posted by
CINE manthan on Sep 28, 2011 in
Music,
Songs |
0 comments
विजय आनंद द्वारा निर्देशित फिल्म- तेरे घर के सामने, के नायक- राकेश (देव आनंद) और नायिका- सुलेखा (नूतन) द्वारा आपस में प्रेम में होने की आपसी समझ...
आगाज़ तो होता है अंजाम नहीं होता
जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता
जब जुल्फ की कालिख में घुल जाये कोई राही
बदनाम सही लेकिन गुमनाम नहीं होता
हँस-हँस...
टैगोर ने कभी लिखा था -
A Lad there is
and I am that poor groom
That is fallen in love
knows not with whom
यह किशोरावस्था से युवावस्था की दहलीज पर खड़े युवाओं में से कुछ की मनोस्थिति को बहुत अच्छे...
Recent Comments