कम्प्यूटर ग्राफिक्स आज के दौर में विजुअल मीडियम के लिये एक आवश्यकता बन गया है। बहुत लोगों ने Old Spice का नीचे दिया गया विज्ञापन देखा होगा।
डीवीडी के काल में कई बार किसी फिल्म की डीवीडी में मेकिंग देखने के बाद दर्शकों के लिये, जिन्हे फिल्ममेकिंग की प्रक्रिया नहीं सीखनी है, किन्ही ऐसे खास दृष्यों का महत्व कुछ कम हो जाता है क्योंकि जिन हैरत-अंगेज दृष्यों को परदे पर देख कर उनकी आँखे अचरज से भरी रह गयीं थीं उन्हे वे अब पाते हैं कि या तो वे CGI का कमाल थे या कितने और जुगाड़ों से दर्शकों के सामने एक भ्रम उत्पन्न किया गया था। उनके बनने की प्रक्रिया को जानना एडवेंचर वाला भाव तो निकाल बाहर करती ही है दर्शक के दिल और दिमाग से।
परंतु सिनेमा के विधार्थियों के लिये तो दृष्यों के पीछे छिपी कीमिया को जानना ज्ञानवर्धक होता है। जिन्होने Old Spice के इस उपरोक्त्त विज्ञापन की मेकिंग न देखी हो उनके लिये इसे देखना काफी आकर्षक हो सकता है।
जब यह विज्ञापन आया था तो इसे भी कम्प्यूटर ग्राफिक्स का एक कमाल बताया गया था पर नीचे दिये गये वीडियो को देख कर पता चलता है कि दुनिया में कैसे कैसे धुरंधर पड़े हुये हैं और वे CGI के प्रचलन के दौर में भी इसके बिना उत्कृष्ट काम करके दिखा सकते हैं।
Old Spice के इस विज्ञापन की मेकिंग को देखना एक रोचक अनुभव है। इसे देख कर विश्वास होता है कि कभी कभी उल्टी गंगा भी बहती है।
सैट डिजायनिंग, टेक्नालॉजी, बुद्धिमता और बहुत अच्छी रिहर्सल के बलबूते बिना CGI के सहारे भी इतना आकर्षक विज्ञापन बनाया जा सकता है! सब कुछ कमाल लगता है इस विज्ञापन में।