वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी, वो बचपन, वो जगजीत सिंह: भुलाये नहीं भूल सकता है कोई

कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलते हैं (बशीर बद्र) बीसवी सदी के सातवें और आठवें दशक में...