Currently Browsing: Music

वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी, वो बचपन, वो जगजीत सिंह: भुलाये नहीं भूल सकता है कोई

कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलते हैं (बशीर बद्र) बीसवी सदी के सातवें और आठवें दशक में...

तू कहाँ ये बता इस नशीली रात में [तेरे घर के सामने(1963)]: मधुशाला बसाता एक नशीला रोमांटिक गीत

विजय आनंद द्वारा निर्देशित फिल्म- तेरे घर के सामने, के नायक- राकेश (देव आनंद) और नायिका- सुलेखा (नूतन) द्वारा आपस में...

आशा भोसले : जैसे हो गूँजता सुरीला सुर किसी सितार का

शुरु से ही आशा भोसले की गायिकी उस ऊँचाई पर उड़ती रही है जहाँ से वह हरेक दौर में सक्रिय बड़े से बड़े संगीतकार को इठलाकर...

कुहू कुहू बोले कोयलिया (सुवर्ण सुन्दरी – 1957) : मधुर रागमाला का आभूषण पहने नायाब संगीत

हिन्दी फिल्म संगीत में संगीतकारों द्वारा रागमलिका या रागमाला बनाये जाने के उदाहरण बहुत नहीं होंगे। ज्यादातर गीत...

दुनिया रंग रंगीली बाबा (धरती माता 1938) – के.एल.सहगल होने का अर्थ

पिछली सदी के तीस और चालीस के दशक में समूचा भारत कुंदनलाल सहगल की आवाज़ के मोहपाश में यूँ ही नहीं बंध गया था। के.एल सहगल की...

तुम जहाँ हो वहाँ क्या ये मौसम नहीं (रोड टू सिक्किम 1969): मुकेश और प्रेमी ह्रदय की भावनायें

यह बात निर्विवाद रुप से सत्य है कि प्रेमी ह्रदय के उदगार, चाहे वे खुशी से भरे हों या ग़म से, उन्हे प्रकट करने में मुकेश को...

« Older Entries