Kahaani (2012): कुछ पेंच

निर्देशक सुजॉय घोष की नयी फ़िल्म ‘कहानी‘ दर्शक की उत्सुकता को अंत तक बाँध कर रखने वाली थ्रिलर है| भले ही विद्या बालन...

आँधी (1975): तेरे बिना शिकवे न हों पर ज़िंदगी ज़िंदगी भी तो नहीं

दूर होने की कसक पुल बन जाती है अक्सर दिलों को क़रीब लाने को। पर अति निकटता के अहसासों की आँच जाने क्यों कभी कभी विलग कर...

i Am KALAAM(2010): खुदी को कर बुलंद, बन तकदीर का बादशाह

होटल ढ़ाबे के गंदे बर्तन साफ करता छोटू ट्रक, बस के ऑयल में सना हुआ छोटू कचरे के ढ़ेर में से खाना ढ़ूँढ़ता छोटू मैडम के बच्चों...

नवीन निश्चल : सौम्य चरित्रों के अभिनेता

नवीन निश्चल ऐसे समय जीवन का परित्याग कर गये हैं जब एक अभिनेता के रुप में हिन्दी सिनेमा उनका बहुत अच्छा उपयोग कर सकता...

शान(1980): शोले की आन, बान और शान में घटोत्तरी

सत्तर का दशक बीत चुका था, अस्सी का दशक धड़ल्ले से आगमन कर गया था। अमिताभ बच्चन सफलता के पुष्पक विमान पर उड़ान भरते हुये...

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