मौसम (2011) : आगाज़ तो होता है अंजाम नहीं होता

आगाज़ तो होता है अंजाम नहीं होता जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता जब जुल्फ की कालिख में घुल जाये कोई राही बदनाम सही...

तुम जहाँ हो वहाँ क्या ये मौसम नहीं (रोड टू सिक्किम 1969): मुकेश और प्रेमी ह्रदय की भावनायें

यह बात निर्विवाद रुप से सत्य है कि प्रेमी ह्रदय के उदगार, चाहे वे खुशी से भरे हों या ग़म से, उन्हे प्रकट करने में मुकेश को...

कहीं करती होगी वो मेरा इंतजार : “हॆ” लता आ रही हैं

यह गीत हृषिकेष मुखर्जी की फिल्म फिर कब मिलोगी (1974) का है। इसे लिखा था मजरूह सुल्तानपुरी ने और संगीतबद्ध किया था...

कहीं बेख्याल होकर यूँ ही छू लिया किसी ने (तीन देवियाँ -1965)

ऐसा कोई भारतीय संगीत प्रेमी ढ़ूँढ़े से न मिल पायेगा जो देव आनंद अभिनीत तीन देवियाँ फिल्म के, मो. रफी की नाजुक और मखमली...

जरा थम जा तू : कोयल कूकती है

प्रकृत्ति में सौंदर्य बिखरा पड़ा है और विभिन्न तरीकों से प्रकृत्ति खूबसूरती की छटा बिखेरती है। कोई एक ही विशिष्ट...

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