रावण(1984) : रो रो के पिघलते हैं गुनाहों के पहाड़

तेरे इश्क की एक बूँद इसमें मिल गयी थी इसलिये मैंने उम्र की सारी कड़वाहट पी ली ….( अमृता प्रीतम) एक तो इश्क वह है जो किसी...

7 Khoon Maaf : Catch her if you can

Most assuredly, I say to you, unless you eat the flesh of the Son of Man and drink His blood, you have no life in you. Whoever eats My flesh and drinks My blood has eternal life, and I will raise him up at the last day. He who eats My flesh and drinks My blood abides in Me, and I in him. Is a copywriter...

7 Khoon Maaf : Parables of Susanna via Metaphysicians Ruskin-Vishal

कफस में और नशेमन में रह के देख लिया कहीं भी चैन मुझे जेरे-आस्मां न मिला विशाल भारद्वाज की नयी फिल्म फैंटेसी के सहारे...

एक सौ सोलह चाँद की रातें : खुद चाँद भी नहीं लौटा पायेगा

फिक्र तौसवीं ने क्या कभी सोचा होगा कि उनकी कृति प्याज के छिलके का शीर्षक एक फिल्मी गीत के लिये एक रुपक का काम करेगा? पर...

Ijaazat (1987) : चाँदनी में जमीं से उठते सायों की स्मृतियाँ

इजाज़त के शुरु के कुछ मिनट और कतरा कतरा गाने का फिल्मांकन , दोनों बेहद जिम्मेदारी से भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देने का काम...

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