Kahaani (2012): कुछ पेंच

निर्देशक सुजॉय घोष की नयी फ़िल्म ‘कहानी‘ दर्शक की उत्सुकता को अंत तक बाँध कर रखने वाली थ्रिलर है| भले ही विद्या बालन...

आँधी (1975): तेरे बिना शिकवे न हों पर ज़िंदगी ज़िंदगी भी तो नहीं

दूर होने की कसक पुल बन जाती है अक्सर दिलों को क़रीब लाने को। पर अति निकटता के अहसासों की आँच जाने क्यों कभी कभी विलग कर...

दो नैनों में (खुशबू) : निर्देशक, कवि गुलज़ार की कल्पना और तकनीक का नमूना

यूँ तो खुशबू के सभी गीत एक से बढ़कर एक हैं पर फिल्म की परिस्थितियों के अनुरुप – दो नैनों में आँसू भरे हैं, गीत तो कमाल का...

कहीं करती होगी वो मेरा इंतजार : “हॆ” लता आ रही हैं

यह गीत हृषिकेष मुखर्जी की फिल्म फिर कब मिलोगी (1974) का है। इसे लिखा था मजरूह सुल्तानपुरी ने और संगीतबद्ध किया था...

एक ही ख्वाब (किनारा): गहन प्रेम की खूबसूरत सिनेमाई अभिव्यक्त्ति

गुलज़ार की फिल्म किनारा (1977) का यह गीत कई मायनों में अनूठा है। ऐसा कोई और गीत हिन्दी फिल्मों में मुश्किल से ही मिलेगा।...

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