लिखा है तेरी आँखों में किसका अफसाना (Teen Deviyan 1965) : किशोर कुमार के अद्भुत दौर की शुरुआत

इस गीत से किशोर कुमार हिन्दी फिल्मों में गायन की अपनी दूसरी एवं आधुनिक पारी के श्रीगणेश का शंखनाद करते हैं| हालांकि...

तू कहाँ ये बता इस नशीली रात में [तेरे घर के सामने(1963)]: मधुशाला बसाता एक नशीला रोमांटिक गीत

विजय आनंद द्वारा निर्देशित फिल्म- तेरे घर के सामने, के नायक- राकेश (देव आनंद) और नायिका- सुलेखा (नूतन) द्वारा आपस में...

तीन देवियाँ (1965) : जब कुछ नहीं तो ये इशारे क्यों कई ख्वाब देख डाले एक दीवाने ने

टैगोर ने कभी लिखा था - A Lad there is and I am that poor groom That is fallen in love knows not with whom यह किशोरावस्था से युवावस्था की दहलीज पर खड़े युवाओं में से कुछ की...

आशा भोसले : जैसे हो गूँजता सुरीला सुर किसी सितार का

शुरु से ही आशा भोसले की गायिकी उस ऊँचाई पर उड़ती रही है जहाँ से वह हरेक दौर में सक्रिय बड़े से बड़े संगीतकार को इठलाकर...

कमर जलालाबादी : श्रद्धांजलि

स्व. कमर जलालाबादी की आठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी सुपुत्री सुश्री सुभाषिनी स्वर के सहयोग से - किसी भी गीत को उम्दा...